* हिंदुस्तान के गौरवशाली ऋषि-मुनियों का वैज्ञानिक इतिहास ! जिनमे से कुछ का विवरण यहाँ हम दे रहें है .. हिंदु वेदों को मान्यता देते हैं और वेदों में …
और पढ़ेंबौधायन_प्रमेय (पाइथागोरस प्रमेय) :- दीर्घचतुरश्रस्याक्ष्णया रज्जुः पार्श्वमानी तिर्यग् मानी च यत् पृथग् भूते कुरूतस्तदुभयं करोति ॥ भावार्थ :- दीर्घ च…
और पढ़ेंआर्यभट्ट. ‘भारत’ शब्द मिलकर बना है ‘भा’ और ‘रत’ से. ‘भा’ का अर्थ है प्रकाश और ‘रत’ का अर्थ है लगा हुआ. अर्थात जो अपने ज्ञान के प्रकाश को चारों तरफ …
और पढ़ेंपाश्चात्य कालगणना चिल्ड्रन्स ब्रिटानिका Vol 3-1964 में कैलेंडर के संदर्भ में उसके संक्षिप्त इतिहास का वर्णन किया गया है। कैलेंडर यानी समय विभाजन …
और पढ़ेंलीलावती अपने पिता से पूछती है कि पिताजी, मुझे तो पृथ्वी चारों ओर सपाट दिखाई देती है, फिर आप यह क्यों कहते हैं कि पृथ्वी गोल है। तब भास्कराचार्य कहत…
और पढ़ेंहमारे यहां धनुष की चाप को ज्या कहते हैं। रेखागणित में इस शब्द का प्रयोग हमारे यहां ही हुआ। यहां से जब यह अरबस्तान में गया, तो वहां ई,ऊ आदि स्वर अक्…
और पढ़ेंसंस्कृत का एकं हिन्दी में एक हुआ, अरबी व ग्रीक में बदल कर ‘वन‘ हुआ। शून्य अरबी में सिफर हुआ, ग्रीक में जीफर और अंग्रेजी में जीरो हो गया। इस प्रकार भ…
और पढ़ें16 सूत्र- 1. एकाधिकेन पूर्वेण - पहले से एक अधिक के द्वारा 2. निखिलं नवतश्चरमं दशत: - सभी नौ में से तथा अन्तिम दस में से 3. उध्र्वतिर्यक् भ्याम् - सीध…
और पढ़ेंआर्यभट्ट और पाई (π) चतुराधिकं शतमष्टगुणं द्वाषष्टिस्तथा सहस्त्राणाम्। अयुतद्वयस्य विष्कम्भस्य आसन्नौ वृत्तपरिणाहः॥ -आर्यभट्ट भावार्थ 100 में चार जो…
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