शिव का डमरू एवं सदर्न क्रेब नेबयुला: NASA_के_द्वारा_वर्तमान_खोज👇👇

#महादेव_शिव_का_डमरू_एवं_सदर्न_क्रेब_नेबयुला#NASA_के_द्वारा_वर्तमान_खोज👇👇

🔱हर वो विषय वस्तु जो #महादेव_शिव ने धारण की है, वह स्वयं में जीवित अर्थात् #ऊर्जावान है। यह हम मनुष्य की स्थूल इंद्रियों के लिये वर्तमान समय में प्रमाण है कि ब्रह्मांड में सब कुछ यथावत् है। महादेव शिव के #डमरू से पूर्व हम बात करते हैं #सदर्न_क्रेब_नेबयुला अथवा #Hen_2_104 की। अभी हाल ही में 18th Apr'2019 में नासा के #हबल_स्पेस_टेलिस्कोप ने पृथ्वी से #हजारों_प्रकाश_वर्ष की दूरी पर एक ऐसी संरचना की छवि रिकार्ड की है जो देखने में #डमरू अथवा वर्तमान में #आवर_ग्लास_संरचना की तरह दिखता है। नासा के अनुसार इस आकृति का निर्माण अनगिनत #आकाशगंगाओं #तारों तथा #गैसों आदि के मिलने से हुआ है जो कि #जागृत तथा #ऊर्जावान शक्ति का प्रतीक है। देखिये, विचारणीय यह है कि नासा अब मान रहा है कि शिव जैसी कोई सत्ता है किंतु #शिव_पुराण जो कि वैज्ञानिकता तथा कथा का एक संगम है, यह हमें सदियों से बताता चला आ रहा है कि महादेव और उनसे जुड़े समस्त विषय वस्तु एक ऊर्जा का प्रतीक है।

#महादेव_शिव_का_डमरू_की_वैज्ञानिकता👇

🔱जब डमरू बजता है तो उसमें से 14 तरह के साऊंड निकलते हैं। पुराणों में इसे मंत्र माना गया। यह साऊंड इस प्रकार है:- अइउण्‌, त्रृलृक, एओड्, ऐऔच, हयवरट्, लण्‌, ञमड.णनम्‌, भ्रझभञ, घढधश्‌, जबगडदश्‌, खफछठथ, चटतव, कपय्‌, शषसर, हल्‌। उक्त आवाजों में सृजन और विध्वंस दोनों के ही स्वर छिपे हुए हैं। जिनसे कई बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। डमरू की ध्वनि जैसी ही ध्वनि हमारे भीतर भी बजती रहती है। इसे अ, उ और म या ओम कहते हैं। हृदय की धड़कन और ब्रह्मांड की आवाज में भी डमरू के स्वर मिले हुए हैं। आप कभी वैज्ञानिक तरीके से बने डमरू को बजाकर देखिये साक्षात् महादेव का अनुभव होगा।



Image may contain: text that says "This is the image ofSouthern Crab Nebula, it's Exactly looks like Bhagwan Shiva's Damaru. ~ Shivohum"

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